‘‘म्हारे गांव, टीबी ना पसारे पांव ’’ अभियान का 15 अगस्त को होगा आगाज

‘‘म्हारे गांव, टीबी ना पसारे पांव ’’ अभियान का 15 अगस्त को होगा आगाज 

प्रत्येक ब्लॉक की चिन्हित पांच ग्राम पंचायतों में टीबी उन्मूलन की दिशा में होंगी विभिन्न गतिविधियां

जिला कलक्टर ने जिले में टीबी मुक्त ग्राम पंचायत की परिकल्पना को साकार करने के दिये निर्देश

झुंझुनूं।  जिले में टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान का शुभारंभ 15 अगस्त को किया जाएगा। 15 अगस्त 2022 से 24 अप्रेल 2023 तक चलने वाले इस अभियान में जिले प्रत्येक ब्लॉक व टीबी यूनिट में चयनित पांच ग्राम पंचायतों में टीबी से मुक्ति के लिए  विशेष जागरूकता, आईईसी गतिविधियां, सर्वे सहित अनेक गतिविधियां समय- समय  पर होंगी। इस अभियान के अंतर्गत टीबी मुक्त पंचायत के रूप में चिन्हित ग्राम पंचायतों में स्थानीय स्तर पर 10 से 12 सदस्यों की टीम का गठन  सरपंच व शहरी क्षेत्र में वार्ड पार्षद की अध्यक्षता में किया जाएगा। जिसमें टीबी चैम्पियन, उप सरपंच, ग्राम पंचायत सचिव, चिकित्सा अधिकारी, सीएचओ, एएनएम, आशा, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता, सरकारी विद्यालय के हैडमास्टर, शिक्षक, धार्मिक ग्रुप एवं स्वयं संस्था व अन्य सदस्य शामिल रहेंगे। 

            इसी सदंर्भ में जिला कलक्टर लक्ष्मणसिंह कुड़ी ने जिला परिषद् सीईओ, समस्त उपखंड अधिकारी, नगर परिषद् आयुक्त-ईओ, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, सहायक निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक व प्राथमिक, जिला क्षय रोग अधिकारी, समस्त बीसीएमओ, पंचायत समिति विकास अधिकारियों ने नाम एक आदेश जारी किया है। इस आदेश में समस्त विभाग के अधिकारियों को आपसी समन्यव स्थापित कर जिले में टीबी मुक्त ग्राम पंचायत अभियान में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने के निर्देश दिए है। 

            मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजकुमार डांगी ने बताया कि राष्ट्रीय क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत वर्ष- 2025 तक देश में क्षय उन्मूलन का लक्ष्य अर्जित करने की दिशा में 15 अगस्त 2022 से 24 अपै्रल 2023 तक टीबी मुक्त राजस्थान अभियान आयोजित किया जा रहा है। जिले में क्षय रोग उन्मूलन के लिए सामुदायिक एवं राजनीतिक भागीदारी अत्यन्त महत्वपूर्ण पहलू है, इसकी प्राप्ति को केंद्रीत करते हुए कार्यक्रम द्वारा क्षय रोग से उपचारित रोगियों को पंचायत स्तर पर चिन्हित किया गया है। इस अभियान में उनकी सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता गतिविधियां स्थानीय पंचायत जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में आयोजित की जाएगाी। 

             जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. विजयसिंह ने बताया कि अभियान के तहत जिले के प्रत्येक ब्लॉक पर 5 ग्राम पंचायत/वार्ड  चिन्हित किये गये हैं। टीबी मुक्त ग्राम पंचायत का उद्देश्य आमजन में जागरुकता पैदा कर टीबी के प्रति समुदाय में फैली भ्रांतियां एवं भेदभाव को कम करना, टीबी रोगियों को शीघ्र निदान और उपचार दिलवाना, टीबी के बारे में आमजन को जागरुक कर संभावित टीबी रोगियों को जांच के लिए प्रेरित करना, टीबी रोगियों और उनके परिजनों को परामर्श आदि सहायता उपलब्ध करवाना है। डॉ. विजयसिंह ने बताया कि अभियान के तहत संबधित ग्राम पंचायत में एक्टिव केस फाईडिंग, स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन, सामुदायिक जागरुकता बैठक, पेशेन्ट प्रोवाईडर बैठक आदि गतिविधियों का आयोजन कर टीबी मुक्त ग्राम पंचायत की परिकल्पना को साकार किया जाएगा।

मेरा नाम जांगिड़ हैं। में एक रिपोटर हू मुझे लोगो तक सबसे पहले खबर पहुंचना अच्छा लगता हैं।

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