You are currently viewing Air Force में फ्लाइंग ऑफिसर बनी झुंझुनू की लाडली, बेटियों के लिए बनी प्रेरणा, शहर में खुशी की लहर।

Air Force में फ्लाइंग ऑफिसर बनी झुंझुनू की लाडली, बेटियों के लिए बनी प्रेरणा, शहर में खुशी की लहर।

  Air Force में फ्लाइंग ऑफिसर बनी झुंझुनू की लाडली, बेटियों के लिए बनी प्रेरणा, शहर में खुशी की लहर।   खबर झुंझुनू के पिलानी शहर की कुलहरियों का बास से है। झुंझुनू की बेटी कृतिका कुलहरि बनी वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर ।कृतिका के पिता का यह सपना था की वह भारतीय वायुसेना सेना ज्वाइन करें। और कृतिका ने अपने पिता का यह सपना पूरा किया। कृतिका ने 5 जुलाई को भारतीय वायुसेना में फ्लाइंग ऑफिसर के पद पर ज्वाइन किया । कुलहरि परिवार के दो बेटे जहां पहले ही नेवी में अपनी सेवाएं दे चुके हैं और अब वे नेवी से रिटायर्ड हैं, वहीं अब कुलहरि परिवार की बेटी देश सेवा के लिए तैयार हो गई है।
एयरफोर्स में फ्लाइंग ऑफिसर बनी झुंझुनू की लाडली

Air Force में फ्लाइंग ऑफिसर बनी झुंझुनू की लाडली कृतिका

इनकी इस कामयाबी से ना कि केवल कुलहरि परिवार बल्कि पूरा गांव बेहद खुश है तथा बेटी पर सभी को खूब गर्व महसूस कर रहा है। कृतिका के पिता रामावतार कुलहरि का हमेशा से सपना था कि वह सेना में जाएं, और देश की सेवा में अपना योगदान दें, लेकिन किसी कारणवश वह सेना ज्वाइन नहीं कर सके। लेकिन उनके इस सपने को पूरा करने की जिद्द उनकी बेटी कृतिका ने ठानी और पिता के सपने को पूरा करने के लिए वायु सेना में ऑफिसर पद पर ज्वाइन किया ।

कृतिका के कामयाबी के बाद गांव में बेहद खुशी का माहौल, गांव वालों ने मिलकर कृतिका को डीजे के साथ पूरे गांव में जीप मैं घुमा कर उसका स्वागत किया और बधाइयां दी। पूरे गांव में खुशियों का माहौल है। कृतिका ने इस कामयाबी को लेकर कहा कि उन्हें बेहद खुशी है कि उन्होंने वायु सेना में इतनी बड़ी उपलब्धि हासिल की साथ ही जिस प्रकार गांव वासियों ने उनका स्वागत कर रहे हैं उनके प्रति वे धन्यवाद और आभार व्यक्त करती है।

वे अब भारतीय वायुसेना का एक हिस्सा बन गई। कृतिका ने पहले भारतीय सेना में भी एंट्री दी थी एनसीसी के द्वारा। कृतिका ने NCC के अंतर्गत चयन प्रक्रिया में पूरे भारत में प्रथम स्थान हासिल किया था जिसके बाद वे ट्रेनिंग के लिए चेन्नई भी गई थी। लेकिन बाद में उनका मन वायु सेना में जाने का हो गया। और दो-तीन महीने बाद ही जब उनका चयन वायुसेना में हो गया तब कृतिका ने भारतीय थल सेना से भारतीय वायुसेना में मूव कर लिया।

कृतिका की शिक्षा

कृतिका ने शिक्षा में क्राइस्ट यूनिवर्सिटी बेंगलुरु से साइकोलॉजी से पोस्ट ग्रेजुएशन की हैं, उसके बाद उन्होंने नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेज में 6 महीने तक सर्विस की। कृतिका की इस उपलब्धि से सभी लोग बहुत खुश हैं। उनके पिता ने कहा कि मेरी बेटी कृतिका ने ना केवल मेरा मान बढ़ाया है बल्कि मेरा सपना भी पूरा किया है। वहीं दूसरी ओर उनकी मां डॉ विजय लक्ष्मी कुलहारी कहा कि जब बच्चे सफल होते हैं तो उनसे ज्यादा खुशी उनके माता-पिता को होती है।

कृतिका के ताऊ जी ख्यालीराम कुलहारी नेवी से कमांडर पद से रिटायर्ड है वही उनके चाचा और बड़ी बहन भी नेवी और थल सेना में अपनी सेवा दे रहे हैं। उनके ताऊ जी ख्यालीराम कुलहारी ने कहा कि उन्हें बहुत ही खुशी है कि उनकी बेटियां देश सेवा के लिए अपने परिवार की परंपरा को आगे बढ़ा रही है। आप लोगों को यह जानकर भी खुशी होगी की कृतिका ने अपनी ट्रेनिंग में अपना फेस देख कर भी अवार्ड अर्जित किया है इसके अलावा होने से ना संबंधित कई अवार्ड और भी मिल चुके हैं।

आज कृतिका ने ना कि अपने गांव पूरे जिले का नाम रोशन किया है और अपनी इस कामयाबी से वे लाखों महिलाओं के लिए प्रेरणा भी बन चुकी है। भारतीय सेनाओं में लगातार बढ़ रही महिलाओं की भागीदारी को नारी शक्ति सशक्तिकरण की एक बेहतरीन मिसाल की एक बेहतरीन मिसाल है।

यह समाचार भी पढ़े 👉
झुंझुनू जिले की सभी न्यूज़ के लिए हमारे टेलीग्राम ग्रुप से जरूर जुड़े 
वेबसाइट पर आने के लिए धनयवाद।  अगर आप को अच्छी जानकारी मिली तो वेबसाइट को शेयर जरूर करे।

This Post Has One Comment

  1. Pingback: SBI Bharti 2022 :- SBI में निकली बंपर भर्ती: 30 उम्र तक के करवा सकते हैं आवेदन, रिटन पेपर और इंटरव्यू के आधार पर हो

Leave a Reply