झुंझुनूं। पिलानी ब्लॉक के निजी विद्यालय संचालकों ने सोमवार 28 जुलाई को सभी निजी स्कूल बंद रखने का निर्णय लिया है। यह फैसला ब्लॉक स्तर पर आयोजित एक बैठक में सर्वसम्मति से लिया गया। निजी विद्यालय संचालकों का कहना है कि उनकी विभिन्न लंबित मांगों पर सरकार द्वारा अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिसके विरोध में यह कदम उठाया जा रहा है।
बैठक की अध्यक्षता ब्लॉक अध्यक्ष कपूर सिंह ने की। इस दौरान ब्लॉक के विभिन्न निजी विद्यालयों के संचालकों ने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की और आंदोलन को समर्थन देने का निर्णय लिया।
इन प्रमुख मांगों को लेकर जताया विरोध
बैठक में विद्यालय संचालकों ने सरकार के समक्ष कई अहम मांगें रखीं। उनका कहना है कि शिक्षा संबल ऐप के माध्यम से की जा रही जांच प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाई जाए। इसके अलावा आरटीई (Right to Education) के तहत लंबित भुगतान जल्द जारी किया जाए ताकि स्कूलों को आर्थिक राहत मिल सके।
संचालकों ने यह भी मांग की कि स्कूल बसों की फिटनेस जांच के लिए व्यावहारिक और उचित शुल्क तय किया जाए। साथ ही आरटीई के तहत विद्यार्थियों को मिलने वाली पुस्तकों की राशि बढ़ाने और प्रति छात्र मिलने वाले शुल्क में भी बढ़ोतरी की जाए।
जिलेभर के आंदोलन को मिलेगा समर्थन
विद्यालय संचालकों का कहना है कि इन मांगों को लेकर झुंझुनूं जिले के निजी शिक्षण संस्थानों द्वारा लगातार आंदोलन किया जा रहा है। इसी क्रम में पिलानी ब्लॉक के सभी निजी विद्यालयों ने भी आंदोलन के समर्थन में 28 जुलाई को शिक्षण कार्य पूरी तरह बंद रखने का फैसला किया है।
बैठक में ये रहे मौजूद
बैठक में संजीव पूनिया, राकेश पंघाल, डॉ. राजकुमार कादयान, सतवीर जांगिड़, कुलदीप कुमार, सुशील कुमार, जगदीश शर्मा, विजय श्योराण, वीरेंद्र कुमार, गौरव शर्मा और गौतम सहित बड़ी संख्या में निजी विद्यालय संचालक मौजूद रहे। सभी ने एकजुट होकर अपनी मांगों को सरकार तक पहुंचाने और आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।



