Jhunjhunu News: रेलवे भर्ती की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए आने वाले दो महीने बेहद अहम होने वाले हैं। Railway Recruitment Board (RRB) की ओर से निकाली गई 5 अलग-अलग भर्तियों के कुल 19,579 पदों पर परीक्षाओं का दौर अब शुरू होने वाला है। फरवरी और मार्च की शुरुआत तक चलने वाली इन परीक्षाओं को लेकर देशभर में, खासकर राजस्थान के जिलों में, हलचल तेज हो गई है।
झुंझुनूं जिले में भी इस खबर को लेकर काफी चर्चा है। वजह यह है कि सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर 19,579 के आंकड़े को लेकर भ्रम फैल गया था। कई लोग इसे झुंझुनूं जिले में मौजूद डाकघरों की संख्या से जोड़कर देख रहे थे, जबकि वास्तविकता इससे बिल्कुल अलग है। अब स्पष्ट हो चुका है कि यह आंकड़ा रेलवे की भर्तियों में शामिल पदों की संख्या को दर्शाता है।
रेलवे भर्ती बोर्ड के अनुसार, प्रथम चरण की परीक्षाएं मार्च के पहले सप्ताह तक पूरी कर ली जाएंगी, जबकि फरवरी महीने में ही तीन बड़ी परीक्षाएं आयोजित होंगी। इससे पहले ही जिला प्रशासन और रेलवे से जुड़े विभागों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।
सहायक लोको पायलट भर्ती: सबसे बड़ी परीक्षा, सबसे ज्यादा पद
रेलवे की सबसे बड़ी भर्तियों में शामिल सहायक लोको पायलट (ALP) के 9,970 पदों के लिए परीक्षा 16 से 18 फरवरी के बीच आयोजित होगी। यह भर्ती तकनीकी और सामान्य दोनों वर्गों के युवाओं के लिए काफी अहम मानी जाती है। पदों की संख्या ज्यादा होने के बावजूद प्रतियोगिता बेहद कड़ी रहती है।
झुंझुनूं और आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के इस परीक्षा में शामिल होने की संभावना है। परीक्षा तिथियों के नजदीक आते ही कोचिंग सेंटरों, लाइब्रेरी और ट्रांसपोर्ट हब्स पर भीड़ बढ़ना तय माना जा रहा है।
सेक्शन कंट्रोलर परीक्षा: सीमित पद, जिम्मेदारी भारी
रेलवे में सेक्शन कंट्रोलर के 368 पदों के लिए परीक्षा 11 और 12 फरवरी को होगी। भले ही पदों की संख्या कम है, लेकिन इस भर्ती को रेलवे की सबसे जिम्मेदार भूमिकाओं में गिना जाता है। ट्रेन संचालन और कंट्रोल सिस्टम से सीधे जुड़े होने के कारण इस परीक्षा में चयन प्रक्रिया भी काफी सख्त रहती है।
इस परीक्षा के दौरान झुंझुनूं जिले में बाहर से आने वाले अभ्यर्थियों की आवाजाही बढ़ने की पूरी संभावना है।
JE, DMS और CMA: तकनीकी दिमागों की कड़ी परीक्षा
रेलवे के तकनीकी संवर्गों में शामिल JE, DMS और CMA के 2,569 पदों के लिए परीक्षाएं 19 और 20 फरवरी के साथ-साथ 3 मार्च को भी कराई जाएंगी। इन पदों के लिए तकनीकी शिक्षा प्राप्त युवाओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है।
इन परीक्षाओं का स्तर अपेक्षाकृत कठिन माना जाता है। ऐसे में परीक्षा केंद्रों वाले जिलों में होटल, लॉज और सार्वजनिक परिवहन पर अतिरिक्त दबाव देखने को मिल सकता है।
8 से 9 जिलों में एग्जाम, झुंझुनूं भी संभावित केंद्र
आरआरबी की योजना के अनुसार, ये सभी परीक्षाएं प्रदेश के 8 से 9 जिलों में आयोजित की जाएंगी। प्रशासनिक स्तर पर मिली जानकारी के अनुसार झुंझुनूं भी संभावित परीक्षा केंद्रों में शामिल है। ऐसे में परीक्षा के दिनों में जिले में यातायात व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम और अतिरिक्त परिवहन सेवाओं की जरूरत पड़ेगी।
पिछले वर्षों के अनुभव को देखते हुए पुलिस और जिला प्रशासन पहले से ही अलर्ट मोड में आने की तैयारी कर रहा है।
पिछले साल की भर्तियां, अब जाकर शुरू हुई परीक्षा प्रक्रिया
रेलवे ने पिछले वर्ष कुल 8 बड़ी भर्तियां निकाली थीं, जिनकी परीक्षाओं का इंतजार लंबे समय से किया जा रहा था। अब एक-एक कर सभी भर्तियों की परीक्षा तिथियां सामने आ रही हैं। इससे युवाओं में जहां एक ओर राहत है, वहीं तैयारी को लेकर दबाव भी बढ़ गया है।
कन्फ्यूजन से क्लैरिटी तक: 19,579 को लेकर सच्चाई क्या है
यहां यह बात साफ-साफ समझना जरूरी है कि 19,579 का आंकड़ा झुंझुनूं जिले में डाकघरों की संख्या से किसी भी तरह संबंधित नहीं है। यह संख्या पूरी तरह से रेलवे भर्ती बोर्ड द्वारा निकाले गए विभिन्न पदों को दर्शाती है। झुंझुनूं जिले में पोस्ट ऑफिसों की संख्या इससे कहीं कम है। अब आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद इस आंकड़े को लेकर फैला भ्रम पूरी तरह दूर हो चुका है।
रेलवे की ये परीक्षाएं न सिर्फ लाखों युवाओं के भविष्य का फैसला करेंगी, बल्कि झुंझुनूं जैसे जिलों में कुछ समय के लिए प्रशासनिक और आर्थिक गतिविधियों को भी गति देंगी। आने वाले दिनों में रेलवे परीक्षा को लेकर जिले की हलचल और तेज होना तय है।